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ईल्ल ०

मेरे कई प्रिय मित्रो के जोर देने पर बड़े षणयंत्रकारी संगठन समूह इल्लुमिनाती की प्रस्तावना लिख रहा हूँ ये मेरी 4 साल पुरानी पोस्ट है। मित्रो आपको विश्वास नही होगा वर्तमान समय में इल्लुमिनाति के नियंत्रण में सम्पूर्ण विश्व किसी न किसी प्रकार से है ईसके गुप्त रहस्य को उजागर करने वाले अधिकतर लोगो की हत्या की जा चुकी है या फिर उनको गुमनामी की ज़िन्दगी जीने पर मजबूर कर दिया गया। तो सबसे पहले जानिए की इल्लुमिनाती है क्या? #ILLUMINATI अर्थात सबसे अधिक प्रबुद्ध या सबसे अधिक बुद्धिमान लोगों का समूह। मेरे इतने दिन इसके षणयंत्रो को लिखने के बाद भी बहुत से मित्रो को अभी भी नहीं पता होगा की आखिर ये इल्लुमिनाती क्या बला है?? तो जान लो इल्लुमिनाती दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगो का एक सीक्रेट संगठन है जो की पूरी दुनिया पर कब्ज़ा करके अपनी मायावी दुनिया के जंजाल में फंसाकर मनुष्यो को गुलाम बनाना चाहता है। इसका सबसे मुख्य उद्देश्य है पूरी दुनिया में बिना किसी बॉर्डर के सभी देशो में एक मुद्रा एक संस्कृति, एक सभ्यता,एक जाति विशेष का एकछत्र साम्राज्य हो जैसे पहले सनातन धर्म की संस्कृति थी। इसके ल...

ईल्लु १

इल्लुमिनाति का भारत में शिक्षा व्यवस्था पर षड्यंत्र! भाग-1 मित्रो कभी ध्यान दिया होगा आपने भारत के प्राचीन ग्रंथों में पृथ्वी के निर्माण,प्राणियों,वनस्पतियों के निर्माण, दुनिया के विभिन्न नदियों,समुद्रों,पर्वतों का वर्णन दिया हुआ है और प्रथम मानव सप्तऋषियों से लेकर कलियुग तक का स्पष्ट वर्णन है। किंतु आश्चर्य है कि आजाद भारत में प्रथम शिक्षामंत्री एक मुस्लिम को बनाया गया जिसको इतिहास,शिक्षा पद्धति का कोई ज्ञान नहीं था वही पंडित रविशंकर शुक्ल जैसे अनेक हिन्दू विद्वान को बिल्कुल दूर रखा गया और जवाहरलाल नेहरू द्वारा जर्मन मैक्समूलर की किताबो पर आधारित डिस्कवरी आफ इंडिया किताब लिखी गई जो की पूरी तरह गप्प से भरपूर है उसमे आर्यो को घोड़े पर चढ़कर भारत आना बताया गया और यही इतिहास भारत के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जा रहा है। क्योंकि इल्लु की सारी संस्थाए यही चाहती थी कि भारत की नई पीढ़ी पूरी तरह यूरोपीय प्रणाली को पढ़े और स्वयं को नीच अविकसित समझे और गोरों को प्रतिभाशाली आज 70 वर्षो में इल्लुमिनाती का ये उद्देश्य पूरा होता दिखाई दे रहा है। वास्तव में मौलाना अबुल कलाम तो एक मोहरा था असल में नीत...

ईल्लु २

इल्लुमिनाति का भारत में शिक्षा व्यवस्था पर षडयंत्र भाग-2 कक्षा 10 जीव विज्ञान चैप्टर 8 में यौन शिक्षा! मित्रो शायद 1985 में स्कूलों में 11वि कक्षा के बाद 12 वि कक्षा को जोड़ा गया था इससे पहले केवल 11वि तक ही स्कूली पाठ्यक्रम होता था जिसमे कक्षा 9 से विज्ञान या आर्ट्स या कॉमर्स विषय चुनने पड़ते थे 12वि कक्षा होने के बाद विषय चुनने का कार्य 11वि से होने लगा। फिर 1985 में ही कक्षा 10 में स्वास्थ्य जानकारी के नाम पर यौन शिक्षा का एक अध्याय,जीव विज्ञान विषय में चैप्टर 8 में पढ़ाया जाने लगा जिसमे महिला,पुरुष के गुप्त अंगो का सचित्र विवरण है। अब सवाल ये है कि इसके सचित्र वर्णन के लिए कक्षा 10 ही क्यों चुनी गई ? वैसे आप हमेशा देखते हैं की जैसे हमारे भारत देश में केवल सेटेलाइट के विषय में ही शोध होते है जबकि यूरोप के वैज्ञानिक ,मनुष्य की प्रतिदिन की प्रत्येक गतिविधि पर रिसर्च करते है सुबह जागने से लेकर सोने तक और सोने के बाद भी! तो यूरोप के वैज्ञानिकों ने रिसर्च की और पाया कि 15-16 वर्ष की उम्र लड़के लड़कियों में अत्यंत संवेदनशीलता होती है जिज्ञासु प्रवृत्ति होती है शारीरिक परिवर्तन ह...

ईल्लु ३

इल्लुमिनाती का भारत मे शिक्षा व्यवस्था पर षणयंत्र! भाग-3 मित्रो भारत की स्कूली शिक्षा पहले 11वी तक थी तो 9वी में विशेष विषय हिन्दू विद्यार्थी चुनता था लेकिन अब ये कार्य 11वी में होता है 11वि में जो लोग जीव विज्ञान विषय लेते है उनको मेंढक चीरना पड़ता है प्रेक्टिकल के रूप में। ऐसा क्यों?? सीधी बात है 11,12 कक्षा का जीव विज्ञान का हर विद्यार्थी डाक्टर नही बन सकता है क्योकि 1 लाख विद्यार्थी PMT परिक्षा में बैठते तो सेलेक्ट केवल 228 होते है क्योंकि मेडिकल कालेज में सीट ही इतनी होती है! अब ज़िंदा मेंढक सभी से चिरवाना क्या हर जीव विज्ञान के विद्यार्थी को अनिवार्य है 11वी,12 वी में?? षड्यंत्र क्या है इसके पीछे देखिए! ये स्पष्ट बात है कि भारत में ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य,शूद्र इन चार वर्णो में 1947 में ब्राह्मण,वैश्य का मांसाहारी होना असम्भव जैसा था। ये भी आवश्यक नही था कि प्रत्येक क्षत्रिय या प्रत्येक श्रमिक(शूद्र )भी मांसाहार करे। मात्र क्षत्रियो में युद्ध कर पाने,खून खराबा देख पाने की क्षमता विकसित करने हेतु बलि प्रथा एव मांसाहार उनके यहाँ वर्जित नहीं था किंतु अनिवार्य भी नह...

ईल्लु ४

इल्लुमिनाति का भारत मे शिक्षा व्यवस्था पर षड्यंत्र भाग-4 मित्रो 1947 से 2014 तक मुख्य रूप से देश में कांग्रेस का ही शासन रहा और देश के अधिकांश राज्यो में भी इसी का शासन रहा है। सोचने वाली बात है कि कांग्रेस में हिन्दूवादी पंडित मदन मोहन मालवीय, गोपाल कृष्ण गोखले, पंडित रविशंकर शुक्ल, सुभद्रा कुमारी चौहान, आदि अनेकानेक विद्वान् रहे है और आज भी होंगे फिर भारत का स्कूली कालेज इतिहास 1947 के बाद ही अचानक झूठा कैसे हो गया ? क्यों श्री राम कृष्ण काल्पनिक हो गए? कैसे लुटेरे बालात्कारी मुसलमान शासक महान हो गए? कैसे मंदिरो को तोड़ कर बनार्इ गई मस्जिदो का कोई उल्लेख नही किताबो में? कैसे आर्य यूरोप से आकर भारत में रहने का झूठ पढ़ाया गया? कैसे प्राचीन ऋषियो के नाम,उनके आविष्कार पूरी तरह गायब हो गए किताबो से? कैसे आयुर्वेद का 1 शब्द का उल्लेख भी नही होता किताबो में? जबकी महिला की सिजेरियन पद्धति प्लास्टिक सर्जरी, अँग रिप्लेसमेंट आपरेशन भारत में ऋषि वैद्य करते थे! कैसे भगत सिंह चन्द्र शेखर आजाद गुंडे कहे गए किताबो में??? ये आरोप लगाया जाता है कि वामपंथियो ने गलत स्कूली कालेज अध...

ईल्लु ५

इल्लुमिनाति का भारत मे शिक्षा व्यवस्था पर षणयंत्र। भाग-5 मित्रो केंद्रीय पाठ्यक्रम एवं राज्य सरकार के कक्षा 6 से लेकर कक्षा 10 तक की इतिहास की किताबो में केवल और केवल मुस्लिम लुटेरे शासकों को महान बताने का प्रयत्न किया गया है और अनेक झूठी कहानियां लिखी गई उनको न्यायप्रिय दर्शाते हुए। जबकि आज हम सब देख रहे है कि अरब देशों में शरिया कानून कितना बुरा है और आज के आधुनिक युग में भी लागू है जिसके अत्याचार के समय समय पर उदाहरण देखने को मिलते रहते हैं जैसे मुस्लिम स्त्री के साथ दुष्कर्म होने पर उसे 4 चश्मदीद गवाह लाना काफिरों(हिन्दुओ) को रमजान के महीने या उसके बाद में हत्या करने का आदेश आदि आदि। अब सोचिए आज से 600 वर्ष पहले से 150 साल पहले तक भारत में इस्लामिक आतताई हिन्दुओ को अर्थात काफिरों को किस तरह के दंड देते रहे होंगे किसी अपराध पर? लेकिन ये अत्याचार की कहानियां/इतिहास पूरी तरह गायब! तैमूर लंग ने गढ्ढे में गिरे एक हिन्दू बालक को भाले से छेद कर बाहर निकाला। सिख गुरुओं की चमड़ी नोचवा दी गई थी! उनके बच्चों को उनके सामने चाक़ू से गला काट कर मारा गया था। सिख गुरुओं को खौलते तेल ...

ईल्लु ६

इल्लुमिनाति का भारत मे शिक्षा व्यवस्था पर षणयंत्र भाग-6 मित्रो उत्तर भारत की स्कूली किताबो में दक्षिण भारत के किसी इतिहास,संत,सामाजिक उत्थान के  प्राचीन राजाओ,विशाल मंदिरो का कोई उल्लेख नहीं! ऐसा क्यों? मतलब दक्षिण भारत को उत्तर से अलग करने की पूरी तैयारी 1947 के पहले ही कि जा चुकी थी जो आज तक जारी है। किसके इशारे पर? अब तो देश के अनेक राज्यो में कांग्रेज़ सरकार नही है फिर भी पाठ्यक्रम बिल्कुल भी बदला नहीं किया जा रहा है ऐसा क्यों?? जैन सम्प्रदाय के बारे में स्कूली किताब में सीधे 24 वे तीर्थंकर की चर्चा क्यों? यदि जैन सम्प्रदाय के विषय में बताना है यो प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जी के बारे में क्यों नही बताते किताबो में? अगर बता दिया तो जैन को हिन्दू से अलग रखने का राष्ट्रविरोधी शक्तियों का खेल नहीं हो पायेगा पुराणों में वर्णन है भगवान ऋषभदेव इच्छावाकु वंश में जन्म लिए थे जिस वंश में सत्यावादी राजा हरिश्चन्द्र, सम्राट दिलीप,भगवान श्री राम जी ने जन्म लिया था हमारी पिछली पीढ़ी को पता था कि जैन सम्प्रदाय सनातन धर्म का अभिन्न अंग है और पूर्ण रूप से अहिंसा व्रतधारी है। ...