ईल्लु २७
इल्लुमिनाति का भारत मे शिक्षा व्यवस्था पर षड़यंत्र!
भाग-27
टीवी पर प्रश्नोत्तरी
मित्रो 1984 से 1991 तक टीवी पर दूरदर्शन ही एकमात्र चैनल होता था 1991 के बाद केबल टीबी,अनेक चैनलों का आरम्भ हुआ तो दूरदर्शन पर प्रत्येक रात को समाचार के बाद कोई धारावाहिक आता फिर शास्त्त्रीय संगीत का कॉर्यक्रम आता था प्रतिदिन।
रविवार सुबह 8 से रात 11 तक पूरा मनोरंजन का दिन होता था रविवार को सुबह 8 बजे से रंगोली (फिल्मों के प्रसिद्ध गीत) ,रामायण या महाभारत, पंचतंत्र या खजाना (विश्व प्रसिद्ध कहानियां) आदि के धारावाहिक आते थे शाम 6 बजे एक हिंदी फिल्म आती थी।
इन्ही रविवारी कार्यक्रमो के बीच में 11 बजे एक विशेष कार्यक्रम आता था स्कुली विद्यार्थियों के लिये प्रश्नोत्तरी कॉर्यक्रम अर्थात Quiz मंच पर प्रश्नकर्ता रहते और सामने देश के विभिन्न स्कूलों से चुने हुए छात्रों की 4 जोड़ियां रहती थी।
( किसी को आज तक नही पता चला कि किस तरह ये विद्यार्थी इस टीवी कार्यक्रम के लिये चुने जाते थे ये पूर्ण रह्स्य है)
आपको आश्चर्य होगा ये जानकर कि दूरदर्शन पर प्रतिदिन केवल अंग्रेजी न्यूज ही एकमात्र अंग्रेजी कार्यक्रम आता था शेष सभी कॉर्यक्रम हिंदी में रविवार सुबह 8 बजे से रात टीवी बन्द होने तक हिंदी के सभी मनोरंजक कॉर्यक्रम के बीच में स्कुली बच्चों का अंग्रेजी में प्रश्नोत्तरी कॉर्यक्रम होना बहुत आश्चर्यजनक था।
किंतु अब इसका उद्देश्य एवं प्रक्रिया समझिये!
इस कार्यक्रम में 3 या चारो जोड़ी इसाई मिशनरी स्कुल की ही रहती थी एकाध जोड़ी कभी महर्षि स्कुल आदि की रहती थी यानी दूरदर्शन टीवी में पुरे भारत के लाखो स्कूली विद्यार्थियों के लिये एकमात्र कॉर्यक्रम यानी ज्ञानवर्धक प्रातियोगिता ( quiz time , kbc जैसे) वो भी अंग्रेजी में वो भी इसाई मिशनरी स्कूलो के प्रभुत्व वाला।
अर्थात ये कॉर्यक्रम स्प्ष्ट रूप से भारत के विद्यार्थियों पर एवं उनके माता पिता पर अंग्रेजी मॉध्यम की तरफ आकर्षित करने हेतु मानसिक दवाब बनाने वाला कॉर्यक्रम था और कॉर्यक्रम के इसाई स्कूलों का नाम देखकर नगरों,शहरो के माता पिता तुरंत दौड़ लगाते इन स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाने हेतु ऊँची फीस लुटाकर।
मित्रो इस तरह दूरदर्शन भी एक मॉध्यम बनाया गया जियोनिस्ट इसाई मिशनरी के स्कूलों को प्रचारित करने लोकप्रिय बनाने में जिसके कारण ही ये स्कूल इतने महंगे,खर्चीले हुए और माता पिता मानसिक गुलाम की तरह व्यवहार करते इन स्कूलों में घुसते रहे।
ये है इल्लु की ताकत भारत में आश्चर्य है भारत के दूरदर्शन के अधिकारी भी इनकी इच्छा के अनुरूप कार्य करते रहे
किसके दवाब में?
जबकि दूरदर्शन तो सरकारी विभाग होता है।
संज्ञान लीजिये
जय श्री राम
⚔️🦁🚩
भाग-27
टीवी पर प्रश्नोत्तरी
मित्रो 1984 से 1991 तक टीवी पर दूरदर्शन ही एकमात्र चैनल होता था 1991 के बाद केबल टीबी,अनेक चैनलों का आरम्भ हुआ तो दूरदर्शन पर प्रत्येक रात को समाचार के बाद कोई धारावाहिक आता फिर शास्त्त्रीय संगीत का कॉर्यक्रम आता था प्रतिदिन।
रविवार सुबह 8 से रात 11 तक पूरा मनोरंजन का दिन होता था रविवार को सुबह 8 बजे से रंगोली (फिल्मों के प्रसिद्ध गीत) ,रामायण या महाभारत, पंचतंत्र या खजाना (विश्व प्रसिद्ध कहानियां) आदि के धारावाहिक आते थे शाम 6 बजे एक हिंदी फिल्म आती थी।
इन्ही रविवारी कार्यक्रमो के बीच में 11 बजे एक विशेष कार्यक्रम आता था स्कुली विद्यार्थियों के लिये प्रश्नोत्तरी कॉर्यक्रम अर्थात Quiz मंच पर प्रश्नकर्ता रहते और सामने देश के विभिन्न स्कूलों से चुने हुए छात्रों की 4 जोड़ियां रहती थी।
( किसी को आज तक नही पता चला कि किस तरह ये विद्यार्थी इस टीवी कार्यक्रम के लिये चुने जाते थे ये पूर्ण रह्स्य है)
आपको आश्चर्य होगा ये जानकर कि दूरदर्शन पर प्रतिदिन केवल अंग्रेजी न्यूज ही एकमात्र अंग्रेजी कार्यक्रम आता था शेष सभी कॉर्यक्रम हिंदी में रविवार सुबह 8 बजे से रात टीवी बन्द होने तक हिंदी के सभी मनोरंजक कॉर्यक्रम के बीच में स्कुली बच्चों का अंग्रेजी में प्रश्नोत्तरी कॉर्यक्रम होना बहुत आश्चर्यजनक था।
किंतु अब इसका उद्देश्य एवं प्रक्रिया समझिये!
इस कार्यक्रम में 3 या चारो जोड़ी इसाई मिशनरी स्कुल की ही रहती थी एकाध जोड़ी कभी महर्षि स्कुल आदि की रहती थी यानी दूरदर्शन टीवी में पुरे भारत के लाखो स्कूली विद्यार्थियों के लिये एकमात्र कॉर्यक्रम यानी ज्ञानवर्धक प्रातियोगिता ( quiz time , kbc जैसे) वो भी अंग्रेजी में वो भी इसाई मिशनरी स्कूलो के प्रभुत्व वाला।
अर्थात ये कॉर्यक्रम स्प्ष्ट रूप से भारत के विद्यार्थियों पर एवं उनके माता पिता पर अंग्रेजी मॉध्यम की तरफ आकर्षित करने हेतु मानसिक दवाब बनाने वाला कॉर्यक्रम था और कॉर्यक्रम के इसाई स्कूलों का नाम देखकर नगरों,शहरो के माता पिता तुरंत दौड़ लगाते इन स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाने हेतु ऊँची फीस लुटाकर।
मित्रो इस तरह दूरदर्शन भी एक मॉध्यम बनाया गया जियोनिस्ट इसाई मिशनरी के स्कूलों को प्रचारित करने लोकप्रिय बनाने में जिसके कारण ही ये स्कूल इतने महंगे,खर्चीले हुए और माता पिता मानसिक गुलाम की तरह व्यवहार करते इन स्कूलों में घुसते रहे।
ये है इल्लु की ताकत भारत में आश्चर्य है भारत के दूरदर्शन के अधिकारी भी इनकी इच्छा के अनुरूप कार्य करते रहे
किसके दवाब में?
जबकि दूरदर्शन तो सरकारी विभाग होता है।
संज्ञान लीजिये
जय श्री राम
⚔️🦁🚩
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