ईल्लु १३
इल्लुमिनाति का भारत मे शिक्षा पर षड्यंत्र
भाग-13
विदेशी फसल
मित्रो स्कूलों में और यदा कदा अखबारों में ये प्रायः लिखा रहता है कि आलू पोलैंड से आया टमाटर जापान से गन्ना ब्राजील से भारत आया आदि आदि बस ये एक लाइन लिख कर फिर आगे आलू,टमाटर आदि के गुण, सब्जी बनाने की विधि, व्यंजन, औषधीय उपयोग आदि का वर्णन होता है।
लेकिन ये कभी नहीं लिखा रहता कि भारत से कौन लेने गया था या वहां से कौन भारत लेकर आया और कब ??
एक 99% सत्य लेख की आड़ में केवल एक झूठ लिख दिया जाता है जिसको हमारा अवचेतन मस्तिष्क ग्रहण कर लेता है और ये एक तथ्य हमको जीवन भर याद रह जाता है और ऐसे ही 1% प्रतिदिन के झूठ पढ़ते हुए 10 साल का बालक 40 वर्ष की उम्र तक मानसिक गुलाम बन जाता है।
जबकि सत्य ये है कि पुराणो में सम्राट पृथु द्वारा कृषि कार्य के विस्तार का प्रसंग आता है अग्निपुराण में हजारो औषधियो एवं अन्न,शक्कर आदि का वर्णन है।
निघंटु ग्रंथो में आलू,प्याज,गन्ने,दाल,पालक,घी,दूध, चावल,भिन्डी आदि का औषधीय वर्णन है वो भी संस्कृत भाषा में।
महाभारत काल में विदुर जी की पालग साग और द्रौपदी की हांडी के चावल का वर्णन है साथ ही भगवान श्री कृष्ण को छप्पन भोग अर्पित करने वर्णन पूजा पद्धति के साथ है और प्राचीनकाल से लेकर कालियुग में भारत के सम्राट का राज्य तो पृथ्वी के अधिकांश हिस्से में था जोकि कालान्तर में एशिया के कुछ हिस्से तक 1100 वर्ष पहले तक सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समय तक रहा है तो फिर जापान,बर्मा,थायलैंड ये विदेश क्षेत्र कैसे हो गए??
भारत के प्राचीन इतिहास के हिसाब से आज विशेष एकपोथिया लहसुन केवल आसाम तरफ पाया जाता है यदि ये कुछ 500 किलोमीटर दूर पाया जाता तो तुरंत इल्लु के एजेंट लिख देते है कि ये लहसुन भारत चीन से आया। (जबकि वस्तुत चीन का बहुत सारा सीमावर्ती हिस्सा कुछ दशक पहले तक भारत का ही था )
भारत के लोगो को जंगली अज्ञानी,भारत भूमि को साधन विहीन घोषित करने के लिये मैक्समूलर की आर्यो के बाहर से आगमन की थ्योरी एवं डिस्कवरी आफ इंडिया किताब को सही साबित करने के लिये इल्लु के जियोनिस्ट प्रतिदिन एक झूठ निर्मित करते रहते है।
और अंग्रेजी अखबार,पत्रिकाएं, मीडिया उसको प्रसारित करते हैं जो कि फिर हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित होकर पुरे देश में फ़ैल जाता है और मानसिक गुलामो की संख्या में वृद्धि हो जाती है!
एक श्रृंखला के रूप में यूरोप में जन्मा झूठ भारत की किताबो,अखबारों में परोसने वाले कौन और क्या उद्देश्य है उनका??
संज्ञान लीजिए
जय श्री राम
⚔️🦁🚩
भाग-13
विदेशी फसल
मित्रो स्कूलों में और यदा कदा अखबारों में ये प्रायः लिखा रहता है कि आलू पोलैंड से आया टमाटर जापान से गन्ना ब्राजील से भारत आया आदि आदि बस ये एक लाइन लिख कर फिर आगे आलू,टमाटर आदि के गुण, सब्जी बनाने की विधि, व्यंजन, औषधीय उपयोग आदि का वर्णन होता है।
लेकिन ये कभी नहीं लिखा रहता कि भारत से कौन लेने गया था या वहां से कौन भारत लेकर आया और कब ??
एक 99% सत्य लेख की आड़ में केवल एक झूठ लिख दिया जाता है जिसको हमारा अवचेतन मस्तिष्क ग्रहण कर लेता है और ये एक तथ्य हमको जीवन भर याद रह जाता है और ऐसे ही 1% प्रतिदिन के झूठ पढ़ते हुए 10 साल का बालक 40 वर्ष की उम्र तक मानसिक गुलाम बन जाता है।
जबकि सत्य ये है कि पुराणो में सम्राट पृथु द्वारा कृषि कार्य के विस्तार का प्रसंग आता है अग्निपुराण में हजारो औषधियो एवं अन्न,शक्कर आदि का वर्णन है।
निघंटु ग्रंथो में आलू,प्याज,गन्ने,दाल,पालक,घी,दूध, चावल,भिन्डी आदि का औषधीय वर्णन है वो भी संस्कृत भाषा में।
महाभारत काल में विदुर जी की पालग साग और द्रौपदी की हांडी के चावल का वर्णन है साथ ही भगवान श्री कृष्ण को छप्पन भोग अर्पित करने वर्णन पूजा पद्धति के साथ है और प्राचीनकाल से लेकर कालियुग में भारत के सम्राट का राज्य तो पृथ्वी के अधिकांश हिस्से में था जोकि कालान्तर में एशिया के कुछ हिस्से तक 1100 वर्ष पहले तक सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समय तक रहा है तो फिर जापान,बर्मा,थायलैंड ये विदेश क्षेत्र कैसे हो गए??
भारत के प्राचीन इतिहास के हिसाब से आज विशेष एकपोथिया लहसुन केवल आसाम तरफ पाया जाता है यदि ये कुछ 500 किलोमीटर दूर पाया जाता तो तुरंत इल्लु के एजेंट लिख देते है कि ये लहसुन भारत चीन से आया। (जबकि वस्तुत चीन का बहुत सारा सीमावर्ती हिस्सा कुछ दशक पहले तक भारत का ही था )
भारत के लोगो को जंगली अज्ञानी,भारत भूमि को साधन विहीन घोषित करने के लिये मैक्समूलर की आर्यो के बाहर से आगमन की थ्योरी एवं डिस्कवरी आफ इंडिया किताब को सही साबित करने के लिये इल्लु के जियोनिस्ट प्रतिदिन एक झूठ निर्मित करते रहते है।
और अंग्रेजी अखबार,पत्रिकाएं, मीडिया उसको प्रसारित करते हैं जो कि फिर हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित होकर पुरे देश में फ़ैल जाता है और मानसिक गुलामो की संख्या में वृद्धि हो जाती है!
एक श्रृंखला के रूप में यूरोप में जन्मा झूठ भारत की किताबो,अखबारों में परोसने वाले कौन और क्या उद्देश्य है उनका??
संज्ञान लीजिए
जय श्री राम
⚔️🦁🚩
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