ईल्लु १२

इल्लुमिनाति का भारत मे शिक्षा व्यवस्था पर षड्यंत्र

भाग-12

सामान्य ज्ञान पर्चा!

जब भी हम किसी सरकारी नौकरी के लिये कोई परीक्षा देते है तो एक पर्चा सामान्य ज्ञान का अवश्य होता है।

क्यों?
क्या ये अवश्यक है??

परमाणु संस्थान,रेलवे,विमान सेवा, विमान निर्माण, खनन विभाग,स्टील उद्योग आदि में कार्य करने हेतु जब इंजिनियर,वैज्ञानिक की परीक्षा होती है तो विज्ञान से सम्बंधित पद के लिये, B.Sc, BE आदि डिग्री की योग्यता निर्धारित की जाती है।

जो विद्यार्थी जिनका शैक्षणिक चिंतन उच्च स्तर का है नए अन्वेषण,नए विचारों,नई अभिकल्पनाओ में खोए रहते है जिन्होंने डिग्री में सर्वोत्कृष्ट अंक प्राप्त किये वो ऐसी परिक्षा देने जाते है और सम्भवतः फेल हो जाते है।
क्योंकि उनको नही मालुम था कि

क्रिकेट में शतक किसने सबसे अधिक बनाये?
अकबर कब मरा?
पानीपत का तीसरा युद्ध कब हुआ?
चीन की दीवार किस राजा ने बनाया?
संविधान की किस धारा के अंतर्गत आरक्षण की बात लिखी है?
मैंक्सिको की मुख्य फसल क्या है?

अब सोचिये ये प्रश्न एक इंजिनियर के कार्य क्षेत्र वैज्ञानिक के कार्य के लिए आवश्यक है क्या???

यदि उपर्युक्त तथ्यों की जानकारी एक परमाणु वैज्ञानिक या इसरो के वैज्ञानिक प्रत्याशी को नहीं है तो उसका या देश का कोई नुकसान हुआ क्या??

अब प्रतिभाशाली इंजिनियर,वैज्ञानिक 3 बार परिक्षा देते है फेल होते है क्योंकि सामान्य ज्ञान बहुत कमजोर है और फिर ये वैज्ञानिक निजी कम्पनियो, विदेशी कम्पनियो में चले जाते है और उनके लिए अविष्कार करने लग जाते है।

एक सामान्य ज्ञान के पर्चे ने देश से ना जाने कितने ऐसे वैज्ञानिक, इंजीनियरों को भारत से निर्वासित करवा दिये।

आश्चर्य है कि साधारण विषय ज्ञान और अच्छे सामान्य ज्ञान के विद्यार्थी ऐसी परीक्षाओं में चुन लिए जाते है और अनेक रामानुजाचार्य, रमन,जगदीश चंद बोस जैसे हीरे विदेश जाकर स्वतन्त्रता पूर्वक काम करते हुए पूरी दुनिया में नाम कमाते है यही कारण है कि जानबूझकर प्रतिभाशाली लोगो को भारत से भगाने के लिये ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं का पाठ्यक्रम बनाया गया।

तभी तो हरगोविंद खुराना को अमेरिका जाकर नोबल पुरस्कार मिला।

भारत के एक डॉक्टर ने कनाडा में सर के प्रत्यारोपण का ऑपरेशन किया।

जीरो पार्टिकल की खोज में 30 भारतीय वैज्ञानिक है, नासा में 50% भारतीय वैज्ञानिक है।

और ये सब लोग भारत से ऐसे ही पीरक्षाओ,अनुसंधान हेतु उचित वातावरण,संस्थान ना मिल पाने के कारण विदेश चले गए।

आखिर भारत के सर्वश्रेष्ठ ब्रह्मपुत्रो को भगाने हेतु किसने व्यर्थ के असंगत नियम बनाये और आज तक जारी है?

सरकार कोई भी हो नीतियां नही बदल पा रही किसके दवाब में???

संज्ञान लीजिए

जय श्री राम
⚔️🦁🚩

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