ईल्लु १

इल्लुमिनाति का भारत में शिक्षा व्यवस्था पर षड्यंत्र!

भाग-1

मित्रो कभी ध्यान दिया होगा आपने भारत के प्राचीन ग्रंथों में पृथ्वी के निर्माण,प्राणियों,वनस्पतियों के निर्माण, दुनिया के विभिन्न नदियों,समुद्रों,पर्वतों का वर्णन दिया हुआ है और प्रथम मानव सप्तऋषियों से लेकर कलियुग तक का स्पष्ट वर्णन है।

किंतु आश्चर्य है कि आजाद भारत में प्रथम शिक्षामंत्री एक मुस्लिम को बनाया गया जिसको इतिहास,शिक्षा पद्धति का कोई ज्ञान नहीं था वही पंडित रविशंकर शुक्ल जैसे अनेक हिन्दू विद्वान को बिल्कुल दूर रखा गया और जवाहरलाल नेहरू द्वारा जर्मन मैक्समूलर की किताबो पर आधारित डिस्कवरी आफ इंडिया किताब लिखी गई जो की पूरी तरह गप्प से भरपूर है उसमे आर्यो को घोड़े पर चढ़कर भारत आना बताया गया और यही इतिहास भारत के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जा रहा है।

क्योंकि इल्लु की सारी संस्थाए यही चाहती थी कि भारत की नई पीढ़ी पूरी तरह यूरोपीय प्रणाली को पढ़े और स्वयं को नीच अविकसित समझे और गोरों को प्रतिभाशाली आज 70 वर्षो में इल्लुमिनाती का ये उद्देश्य पूरा होता दिखाई दे रहा है।

वास्तव में मौलाना अबुल कलाम तो एक मोहरा था असल में नीतियां,पाठ्यक्रम तो अधिकारी बनाते है तो प्राचीन इतिहास को पूरी तरह गायब किया गया किसके इशारे पर ??

संज्ञानात्मक!

जय श्री राम
⚔️🦁🚩

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